गौमाता जनजागरण यात्रा: मुस्लिम समाज ने ‘राष्ट्र माता’ दर्जे के समर्थन में सौंपा ज्ञापन

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गौमाता जनजागरण यात्रा: मुस्लिम समाज ने ‘राष्ट्र माता’ दर्जे के समर्थन में सौंपा ज्ञापन; राम मंदिर चढ़ावा मामले पर भी साधा निशाना

अयोध्या। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गौमाता जनजागरण यात्रा शुक्रवार को मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र पहुंची। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं, गौभक्तों और स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने भी उनका अभिनंदन करते हुए गौमाता को “राष्ट्र माता” का दर्जा दिए जाने के समर्थन में एक ज्ञापन सौंपा।

जुबेरगंज पशु बाजार के मालिक एवं समाजवादी पार्टी नेता हाजी फिरोज खान गब्बर के नेतृत्व में मुस्लिम समाज के लोगों ने शंकराचार्य का स्वागत किया। ज्ञापन में कहा गया कि मुस्लिम समाज गौ-रक्षा, भारतीय संस्कृति, करुणा और सामाजिक सद्भाव के लिए चलाए जा रहे अभियान का सम्मान करता है। ज्ञापन के माध्यम से भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से आग्रह किया गया कि गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रभावी एवं व्यावहारिक कदम उठाए जाएं तथा गौमाता को “राष्ट्र माता” का दर्जा दिए जाने की मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए।

गौमाता जनजागरण यात्रा अमानीगंज से शुरू होकर मिल्कीपुर बाजार सहित विभिन्न चौराहों से गुजरते हुए सांसद अवधेश प्रसाद के पांच नंबर स्थित आवास पहुंची। यहां आयोजित पादुका पूजन कार्यक्रम में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भाग लिया और उपस्थित लोगों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और जीवन दर्शन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से गौमाता को पशु की श्रेणी से हटाकर “माता” का संवैधानिक दर्जा देने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि सरकार स्वयं को गौभक्त और हिंदू हितैषी बताती है तो उसे इस दिशा में ठोस निर्णय लेने का साहस भी दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से वे देशभर में गौमाता जनजागरण यात्रा निकालकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य ने “दीमकों की कहानी” का उल्लेख करते हुए वर्तमान व्यवस्था पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दीमकों के समूह में कुछ ही दीमक पूरे तंत्र को संचालित करते हैं और बाकी केवल अपना पेट भरने में लगे रहते हैं, उसी प्रकार आज की व्यवस्था भी दीमकग्रस्त होती जा रही है। हालांकि उन्होंने अपने इस बयान में किसी व्यक्ति, संस्था या सरकार का नाम नहीं लिया।

शंकराचार्य ने अपने संबोधन में राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कोष में चोरी होने के बावजूद जिम्मेदारी तय नहीं की गई। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों को केवल “बलि का बकरा” बनाया गया है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक हो चुकी है, लेकिन चंपत राय के इस्तीफे को लेकर केवल प्रचार किया गया, जबकि वास्तविक रूप से कोई इस्तीफा नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक संस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस अवसर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ सेवा एवं जनजागरण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लवलेश पांडे और अखिलेश पांडे को मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र का अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया। उन्होंने दोनों कार्यकर्ताओं से गौ संरक्षण, जनजागरण और सामाजिक समरसता के संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।

यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में संत, गौभक्त, स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में गौ संरक्षण, सामाजिक सद्भाव और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से चर्चा का विषय बने।


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